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मकर संक्रांति 2026 में कब है, तिथि, महत्व और इतिहास ?
मकर संक्रांति का त्यौहार संपूर्ण भारत में मनाया जाता है। यह त्यौहार 14 जनवरी को हर वर्ष मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश और बिहार में यह त्यौहार मकर संक्रांति के रूप में तथा पंजाब में यह लोहड़ी के रूप में मनाया जाता है। 2026 में यह 14 जनवरी को संपूर्ण भारत में भव्य रूप से मनाया जाएगा। भारत के त्यौहारों में यह सबसे पवित्र त्यौहार माना जाता है।
January 9, 2026 by kharoud nighi wala
मकर संक्रांति का पौराणिक महत्व क्या है ?
मकर संक्रांति का त्यौहार विशेषतः उत्तर प्रदेश में खिचड़ी बनाकर मनाया जाता है। इस त्यौहार का महत्व यह है कि जब सूर्य देवता दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर प्रवेश करते हैं तब से दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं। जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। तो यह शुभ माना जाता है इस दिन लोग दान पुण्य भी करते हैं गंगा स्नान आदि भी करते हैं तथा इस दिन सूर्य देवता की पूजा करने से समृद्धि की भी प्राप्ति होती है। यही मकर संक्रांति का महत्व है।
मकर संक्रांति का इतिहास क्या है?
मकर संक्रांति का इतिहास बहुत पुराना है यह भारत के त्यौहारों में से सबसे पवित्र त्यौहार माना जाता है। इसका इतिहास महाभारत काल में भी मिलता है। महाभारत काल के अनुसार पितामह भीष्म ने इस शुभ अवसर की प्रतीक्षा की थी पितामह भीष्म ने भी सूर्य देवता के उत्तरायण की ओर प्रवेश करने पर अपने शरीर का त्याग किया था बताते हैं कि इस शुभ अवसर पर अपने शरीर का त्याग करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है।
मकर संक्रांति का त्यौहार क्यों मनाया जाता है?
मकर संक्रांति का त्यौहार उत्तर प्रदेश में खिचड़ी बनाकर मनाया जाता है स्कूल और कॉलेजों में यह त्यौहार भव्य तरीके से मनाया जाता है। भारत में सूर्य देवता को जीवन का आधार माना जाता है और जब सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर प्रवेश करता है तो यह बहुत ही शुभ माना जाता है। इस उपलक्ष में मकर संक्रांति के रूप में यह कार्यक्रम बनाया जाता है। जबकि पंजाब में यह त्यौहार लोहड़ी के रूप में मनाया जाता है।
मकर संक्रांति के त्यौहार पर तिल और गुड़ की क्या मान्यता है?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन तिल और गुड़ खाने का प्रचलन है। बताते हैं कि तिल सर्दियों में खाने से ठंड नहीं लगती अर्थात तिल ठंड से बचाते हैं और गुड़ खाकर रिश्तो में मिठास आती है।"मीठा खाओ और मीठा बोलो " यह प्रचलन में है। तिल और गुड़ की मान्यता यह है तिल और गुड़ खाने से इस दिन रिश्तो में मिठास और जीवन में उन्नति तथा सकारात्मकता बढ़ती है। यही मान्यता है। तिल और गुड़ सर्दीयो में खाना अच्छा होता है। ग्रामीण लोग तिल और गुड़ को बहुत पसंद करते हैं ग्रामीण क्षेत्रों में तिल और गुड़ बहुत अच्छे से लोग खाते हैं।
निष्कर्ष : हमने आपको मकर संक्रांति का पौराणिक महत्व क्या है ? मकर संक्रांति का इतिहास क्या है? मकर संक्रांति का त्यौहार क्यों मनाया जाता है ? मकर संक्रांति के त्यौहार पर तिल और गुड़ की क्या मान्यता है? यह सभी जानकारी दी यह अच्छी जानकारी और सही जानकारी है।
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